रांची: अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, पूर्व RJD MLC सुबोध राय गिरफ्तार; भारी मात्रा में शराब जब्त
Ranchi: Illegal liquor factory busted, former RJD MLC Subodh Rai arrested
Ranchi: Illegal liquor factory busted, former RJD MLC Subodh Rai arrested, राजधानी रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में मंगलवार देर रात रांची पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त छापेमारी में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कार्रवाई के दौरान बिहार के पूर्व एमएलसी और राजद नेता सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत तथा एक अन्य कर्मी रविकांत राय को मौके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद बुधवार शाम तीनों को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
छापेमारी का नेतृत्व सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह ने किया। यह कार्रवाई रात 12 बजे शुरू हुई और बुधवार सुबह छह बजे तक चली। आरोप है कि प्लांट में नामी कंपनियों के ब्रांड की तर्ज पर अवैध शराब तैयार कर उस पर दूसरे नामी ब्रांड के फर्जी लेबल लगाकर बजार में आधी कीमत पर बेचा जा रहा था।
जांच में पता चला कि इस प्लांट में तीन अलग-अलग ब्रांड की अवैध शराब बनाई जा रही थी, इनमें 8 पीएम और आफ्टर डार्क और अन्य ब्रांड की शराब शामिल हैं। इन बोतलों पर 'फॉर सेल इन उत्तर प्रदेश और दिल्ली' के लेबल लगाए गए थे। उत्पाद विभाग का मानना है कि इसे उत्तर प्रदेश और दिल्ली का लेबल लगाकर बेचा जा रहा था।
छापेमारी में भारी मात्रा में शराब जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में शराब और बीयर जब्त की। इसमें शामिल हैं-
- किंगफिशर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर - 70 पेटी (प्रत्येक पेटी में 24 कैन)।
- आफ्टर डार्क ब्लू - 218 पेटी (प्रत्येक पेटी में 48 बोतल)।
- 8 पीएम - 7 पेटी (प्रत्येक पेटी में 48 बोतल)।
- रॉयल्सन गोल्ड व्हिस्की - 78 पेटी।
जांच में पाया गया कि आफ्टर डार्क और 8 पीएम की बोतलों पर 'फॉर सेल इन उत्तर प्रदेश', जबकि रॉयल्सन गोल्ड व्हिस्की पर 'फॉर सेल इन दिल्ली' लिखा हुआ था।
दो साल पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
बता दें कि, इस प्लांट में दो वर्ष पूर्व भी उत्पाद विभाग ने छापामारी की थी और इसे सील भी किया था। इसके बावजूद दोबारा अवैध गतिविधियां संचालित होने से कई सवाल खड़े हो रहे है।
कौन हैं सुबोध राय?
राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध राय मूल रूप से गोरौल थाना क्षेत्र के पोझा गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने वैशाली स्थानीय प्राधिकरण के विधान पार्षद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया था।
उस समय इन्होंने एनडीए समर्थित उम्मीदवार अजय कुशवाहा को हराया था। छह साल के अपने कार्यकाल में सुबोध राय ने राजद में अपनी जबरदस्त पैठ बनायी और विधान परिषद की तत्कालीन विपक्ष की नेता राबड़ी देवी के विश्वासपात्र बन गये थे।
हालांकि, वर्ष 2022 में हुए विधान पार्षद के चुनाव में इन्हें एनडीए समर्थित रालोजपा के प्रत्याशी भूषण राय ने हरा दिया था।
सुबोध राय पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
जानकारी के अनुसार, सुबोध राय पर उत्पाद से संबंधित कई मामले गोरौल, महुआ और नगर थाना में दर्ज हैं। इसके साथ ही उन पर विद्युत अधिनियम का भी मामला दर्ज है।
भाई ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सुबोध राय के भाई और पोझा पंचायत के मुखिया विकास राय ने बताया कि उनकी सुबोध राय से बुधवार की रात लगभग 9.30 बजे बात हुई। कहीं कुछ नहीं हुआ है, जो कार्रवाई की बात कही जा रही है वह सुबोध जायसवाल के खिलाफ की गयी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुबोध राय के खिलाफ उत्पाद अधिनियम से जुड़े कई मामले पहले से विभिन्न थानों में दर्ज हैं। उनके खिलाफ शराब तस्करी और अवैध कारोबार से संबंधित मामलों की भी जांच हो चुकी है।